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⭐भारतीय सभ्यता व संस्कृति⭐
इतिहास का वर्गीकरण
1. प्रागैतिहासिक काल (Pre-Historic Period)
• समय लगभग- 25 लाख वर्ष पूर्व → 1000 ईसा पूर्व तक
• इस काल में लिखित अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं।
• इतिहास की जानकारी केवल पुरातात्त्विक खोजों से मिलती है—
जैसे- गुफाचित्र, औजार, मिट्टी के बर्तन, हड्डियाँ आदि।
प्रागैतिहासिक काल को तीन उपकालों में विभाजित किया जाता है-
(A) पुरापाषाण काल (Old Stone Age / Paleolithic Age)
• समय- लगभग 25 लाख वर्ष पूर्व – 10,000 ईसा पूर्व
विशेषताएँ-
• लोग शिकारी–संग्रहकर्ता थे।
• भोजन प्राप्त करने के लिए शिकार और फलों पर निर्भर।
• उपकरण- खुरचनी, हाथ-कुल्हाड़ी, चॉपर आदि (पाषाण के)।
• आवास- गुफाएँ और झोंपड़ियाँ।
• आग का प्रारंभिक ज्ञान।
• समाज घुमंतू जीवन जीता था।
• उदाहरण- भीमबेटका (म.प्र.) की गुफाएँ—प्रसिद्ध मानव चित्र।
(B) मध्यपाषाण काल (Middle Stone Age / Mesolithic Age)
• समय- लगभग 10,000 – 6000 ईसा पूर्व
विशेषताएँ-
• मौसम में बदलाव, बर्फ पिघलने की शुरुआत।
• छोटे पत्थर के सूक्ष्म औजार (Microliths) बनने लगे।
• मछली पकड़ना, छोटे जानवरों का शिकार।
• कुत्ते का पहला पालतू जानवर बनना।
• स्थायी जीवन की शुरुआत।
(C) नवपाषाण काल (New Stone Age / Neolithic Age)
• समय- लगभग 6000 – 1000 ईसा पूर्व
विशेषताएँ-
• कृषि की शुरुआत—गेहूँ, जौ की खेती।
• पशुपालन—गाय, भेड़, बकरी।
• स्थायी बस्तियों का निर्माण।
• मिट्टी के बर्तन (Pottery) बनना आरंभ।
• कपड़ा बुनाई—सूती वस्त्र।
• गाँवों की स्थापना—समाज का विकास शुरू।
• उदाहरण- मेहरगढ़ (पाकिस्तान), बुरज़ाहोम (कश्मीर)
2. आदि-ऐतिहासिक काल (Proto-Historic Period)
• समय- लगभग 2500 – 1500 ईसा पूर्व
• यह काल प्रागैतिहासिक और ऐतिहासिक काल के बीच आता है।
विशेषताएँ-
• इस समय की लिपि तो मौजूद है,लेकिन आज पढ़ी नहीं जा सकती।
इसलिए इसे आदि-इतिहासिक / प्रोटो-हिस्ट्री कहते हैं।
• लिखावट होने के बावजूद इतिहास अधूरा है।
• इस काल में शामिल है
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization)- समय- 2500 – 1900 ईसा पूर्व
• हड़प्पा
• मोहनजोदड़ो
• धोलावीरा
• कालीबंगा
• लोथल
विशेषताएँ-
• नगर नियोजन, नालियाँ, स्नानागार
• धातु तकनीक, मुहरें, वजन–माप
• कृषि—गेहूँ, जौ
• लिपि अभी तक अपठित (Indus Script unreadable)
इसलिए सिंधु घाटी सभ्यता आदि-ऐतिहासिक काल का सबसे बड़ा उदाहरण है।
3. ऐतिहासिक काल (Historic Period)
• समय- लगभग 1500 ईसा पूर्व – वर्तमान तक
• यह काल वह है जिसमें लिखित अभिलेख उपलब्ध होते हैं।
• स्रोत-
• शिलालेख
• सिक्के
• ग्रंथ
• यात्रियों के विवरण
• इनसे इस काल का इतिहास विश्वसनीय बनता है।
• ऐतिहासिक काल में शामिल है-
(A) वैदिक काल
• ऋग्वैदिक- 1500 – 1000 ईसा पूर्व
• उत्तरवैदिक- 1000 – 600 ईसा पूर्व
(B) महाजनपद
• 600 – 325 ईसा पूर्व
(C) मौर्य काल- 322 – 185 ईसा पूर्व
(D) गुप्त काल- 319 – 550 ईस्वी
(E) उत्तर प्राचीन काल - 600 – 1200 ईस्वी
• हर्षवर्धन 606 – 647 ईस्वी
• राजपूत कॉल और त्रिपक्षीय संघर्ष - 750 से 1200 ईस्वी
(F) मध्यकाल
• दिल्ली सल्तनत → 1206 – 1526 ईस्वी
• मुगल साम्राज्य → 1526 – 1707 ईस्वी
(G) आधुनिक काल
• ब्रिटिश शासन → 1757 – 1947
• स्वतंत्र भारत → 1947 – वर्तमान
✦ भारतीय इतिहास के स्रोत✦
भारतीय इतिहास को जानने, समझने और पुनर्निर्मित करने के लिए जिन साधनों, प्रमाणों और सामग्री का उपयोग किया जाता है, उन्हें इतिहास के स्रोत (Sources of History) कहते हैं।
इतिहास के स्रोत दो मुख्य प्रकार के होते हैं-
1. पुरातात्त्विक स्रोत (Archaeological Sources)
ये वे स्रोत हैं जो खुदाई, भवनों, वस्तुओं, सिक्कों, शिलालेखों आदि से मिलते हैं।
(A) अभिलेख / शिलालेख (Inscriptions)
– पत्थर, धातु, स्तंभ या मंदिरों पर खुदी लिखावट।
– राजा, युद्ध, कानून, प्रशासन की जानकारी मिलती है।
उदाहरण- अशोक के शिलालेख, इलाहाबाद स्तंभ लेख (समुद्रगुप्त)
(B) सिक्के (Coins)
• प्राचीन राजाओं के समय की अर्थव्यवस्था, व्यापार, धर्म और संस्कृति की जानकारी देते हैं।
• उदाहरण- मौर्य, गुप्त, कुषाणों के सिक्के
(C) भवन और अवशेष (Monuments)
• मंदिर, स्तूप, गुफाएँ, महल आदि इतिहास बताते हैं।
• उदाहरण- साँची स्तूप,अजंता–एलोरा की गुफाएँ,कोणार्क मंदिर
(D) पुरातात्त्विक उत्खनन (Excavation Sites)
• मिट्टी से निकली वस्तुएँ, मिट्टी के बर्तन, खिलौने, कंकाल आदि।
•उदाहरण- हड़प्पा, मोहनजोदड़ो,धोलावीरा,कालीबंगा
2. साहित्यिक स्रोत (Literary Sources)
ये वे स्रोत हैं जो पुस्तकों, ग्रंथों और लिखित सामग्री पर आधारित हैं।
(A) धार्मिक ग्रंथ (Religious Texts)
• भारत के धर्मों से संबंधित साहित्य।
• उदाहरण- वेद (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद)
उपनिषद,रामायण, महाभारत,पुराण,जैन आगम,बौद्ध त्रिपिटक
(B) लौकिक साहित्य (Secular Texts)
• इतिहास, राजनीति, अर्थशास्त्र, समाज आदि से संबंधित ग्रंथ।
• उदाहरण- कौटिल्य का अर्थशास्त्र,कालिदास के महाकाव्य,बाणभट्ट की हर्षचरित,मेगस्थनीज़ की इंडिका,प्लिनी के विवरण
(C) विदेशी यात्रियों के विवरण (Foreign Accounts)
• विदेशी यात्रियों ने भारत के समाज, शासन, प्रशासन और संस्कृति का वर्णन किया।
उदाहरण-
• मेगस्थनीज़ – इंडिका,
• फाह्यान – गुप्तकाल,
• ह्वेनसांग – सम्राट हर्ष का समय,
• अलबरुनी – मध्यकाल,
• इब्नबतूता – मुहम्मद बिन तुगलक के समय
3. मौखिक स्रोत (Oral Sources)
• ये वे स्रोत हैं जो बोली परंपरा से मिलते हैं-
• लोकगीत
• लोककथाएँ
• कहावतें
• लोकनृत्य
• जनश्रुतियाँ
ये स्रोत समाज की संस्कृति और जीवन शैली को बताते हैं।
⭐ सिंधु घाटी सभ्यता ⭐
• 150 वर्ष पूर्व आरम्भ पहली रेल 1853 (मुंबई से ठाणे) खुदाई कार्य के दौरान वहाँ से ईंटें मिलने के कारण इस सभ्यता का पता चला।
• क्योंकि हड़प्पा पहला स्थल था, इसलिए इसे हड़प्पा सभ्यता कहा गया।
• यह सभ्यता सिंधु नदी के आसपास विकसित हुई। इसलिए इसे सिंधु घाटी सभ्यता भी कहते हैं।
काँस्य (Bronze)
• काँस्य = कॉपर (ताँबा) + टिन (सीसा नहीं) का मिश्रण।
• इसे Bronze Age Civilization भी कहा जाता है।
सिंधु घाटी सभ्यता की आयु
• वर्तमान से लगभग 4700 वर्ष पूर्व (लगभग 2700 ई.पू.) यह सभ्यता उन्नति पर थी।
सिंधु नदी की सहायक नदियाँ
1. सतलुज
2. रावी
3. व्यास
4. झेलम
5. चिनाब (सभी सहायक नदियाँ)
▪︎ सिंधु सभ्यता का विस्तार-
• सिंधु घाटी सभ्यता का आकार त्रिभुजाकार था।
• इसका सबसे उत्तरी पुरास्थल → माँदा (जिला- अखनूर,अं जम्मू कश्मीर)
• सबसे दक्षिणी पुरास्थल → दाइमाबाद जिला- अहमद, नगर महाराष्ट्र)
• सबसे पूर्वी पुरास्थल → अलमगीरपुर (जिला- मेरठ ,उत्तर प्रदेश)
• सबसे पश्चिमी पुरास्थल → सुतकागेंडोर (बलूचिस्तान–ईरान सीमा)
सिंधु घाटी सभ्यता – प्रमुख स्थल (Important Sites)
1. हड़प्पा (Harappa) – सिंधु सभ्यता का प्रथम खोजा गया स्थल
📍 स्थान- पाकिस्तान, पंजाब प्रांत
🔍 खोज- 1921
👤 खोजकर्ता- दयाराम साहनी
🌊 नदी- रावी
▪︎ ऐतिहासिक महत्व-
• यह पहला स्थल था जिससे पूरी सभ्यता का नाम पड़ा—हड़प्पा सभ्यता
• यहाँ दो विशाल अनाजगृह (Granaries) मिले—यह इंगित करता है कि राज्य में केंद्रीय भंडारण व्यवस्था थी।
▪︎ नगर नियोजन-
• किला (Citadel) + निचला नगर → व्यवस्थित नगर व्यवस्था
• पक्की, जलनिकासी वाली सड़कें
• आवास एकसमान आकार के कमरों वाले
▪︎ प्रमुख खोजें-
• मनके बनाने की कार्यशाला → कारीगर वर्ग
• तांबे, कांस्य, पत्थर के औजार
• बैलों की आकृति वाली अनेक मुहरें
• कंकालों की अधिकता → संभवतः प्राकृतिक आपदा या बाढ़ का संकेत
• यहाँ से एक चक्र (wheel) आकार वस्तु मिली, जो बच्चों का खिलौना माना जाता है।
🔥 परीक्षा बिंदु
• पहला खोजा गया स्थल → हड़प्पा
• दो अनाजगृह → हड़प्पा में
2. मोहनजोदड़ो (Mohenjo-Daro) – सिंधु सभ्यता का सबसे उन्नत शहर
📍 स्थान- पाकिस्तान, सिंध
🔍 खोज- 1922
👤 खोजकर्ता- राखालदास बनर्जी
🌊 नदी- सिन्धु
▪︎ मुख्य पहचान
• महान स्नानागार (Great Bath) – विश्व की सबसे पुरानी सार्वजनिक स्नान संरचना
• 39 फीट लंबा, 23 फीट चौड़ा
• चारों ओर चेंजिंग रूम
• पक्की ईंटें + बिटुमेन (tar coating) → जलरोधक तकनीक
▪︎ विशाल अनाजगृह
• श्रम विभाजन और केंद्रीय प्रबंधन के प्रमाण
▪︎ मूर्तिकला-
• कांस्य नर्तकी की मूर्ति → धातु ढलाई की उन्नत तकनीक
• पुजारी-राजा की मूर्ति → धार्मिक-राजनीतिक नेतृत्व का संकेत
▪︎ अन्य विशेषताएँ-
• दो-मंज़िल वाले पक्के मकान
• नालियों का जाल → सभ्यता का सबसे उन्नत जल प्रबंधन
• कूड़ा निपटान प्रणाली
🔥 परीक्षा बिंदु
• महान स्नानागार → मोहनजोदड़ो
• नर्तकी की मूर्ति → मोहनजोदड़ो
• पुजारी राजा की मूर्ति → मोहनजोदड़ो
3. धोलावीरा (Dholavira) – भारत का सबसे संगठित & विशालतम स्थल
📍 स्थान- गुजरात (कच्छ)
🔍 खोज- 1990–91
👤 खोजकर्ता- रविन्द्र सिंह विष्ट
🌊 नदी-
▪︎ अद्वितीय नगर संरचना
• धोलावीरा का शहर 3 भागों में बँटा था—
1. Citadel
2. Middle Town
3. Lower Town
• जल संरक्षण प्रणाली – विश्व में अद्वितीय
• बहुत बड़े-बड़े जलाशय (Reservoirs)
• वर्षा जल संग्रह के उन्नत प्रमाण
• खाड़ी जैसे क्षेत्रों में सबसे उन्नत जल प्रबंधन
▪︎ प्रमुख खोजें
• सबसे लंबी लेख पट्टी (Signboard) जिसमें 10 बड़े चिन्ह पाए गए
• शंख, सीप, अर्धमूल्यवान पत्थरों के आभूषण
• तांबा-कांसा धातुकर्म
▪︎ सांस्कृतिक संकेत
• यहाँ से कब्रिस्तानों मिले→ दाह-संस्कार व दफ़न—दोनों पद्धतियाँ प्रचलित थीं।
🔥 परीक्षा बिंदु
• सबसे बड़ा भारतीय स्थल → धोलावीरा
• सर्वश्रेष्ठ जल प्रबंधन → धोलावीरा
• तीन-स्तरीय नगर → धोलावीरा
4. लोथल (Lothal) – विश्व का सबसे प्राचीन गोदी / Dockyard
📍 स्थान- गुजरात, अहमदाबाद
🔍 खोज- 1955 एवं 1962
👤 खोजकर्ता- एस. आर. राव
🌊 नदी- भोगवा
▪︎ समुद्री व्यापार का केंद्र
• यहाँ एक पूर्ण विकसित गोदी / Dockyard मिला जो समुद्री व्यापार का प्रमाण है।
• लोथल से मेसोपोटामिया (Iraq) तक व्यापार होता था।
▪︎ उद्योग-
• मनका उद्योग (Bead factory) – विश्व प्रसिद्ध
• आभूषण, तांबे की वस्तुएँ
▪︎ कृषि-
• यहाँ से चावल के दाने मिले
5. कालीबंगा (Kalibangan) – कृषि और अनुष्ठान का केंद्र
📍 स्थान- राजस्थान
🔍 खोज- 1953
👤 खोजकर्ता- बी. बी. लाल
🌊 नदी- घग्घर
▪︎ सबसे महत्वपूर्ण खोज
• हल से जोती गई भूमि (Ploughed field)
• पूरी दुनिया में पहली बार कृषि प्लॉट के निशान मिले।
▪︎ धार्मिक जीवन
• अग्नि वेदियाँ (Fire altars) कई पंक्तियों में मिलती हैं→ संभवतः “अग्नि पूजा” प्रचलित थी
▪︎ अन्य खोजें
• मिट्टी के बर्तन
• कंकाल
• बैलों के अवशेष
🔥 परीक्षा बिंदु
• हल के निशान → कालीबंगा
• अग्नि वेदियाँ → कालीबंगा
6. राखीगढ़ी (Rakhigarhi) – भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल
📍 स्थान- हरियाणा
🔍 खोज- खोजकर्ता (Discoverer) इसकी खोज सूरज भान (Suraj Bhan) ने 1969 में की थी। (नोट-बाद में व्यापक खुदाई का काम अमरेन्द्र नाथ (1997-2000) और वसंत शिंदे ने किया)
🌊 नदी- यह प्राचीन दृषद्वती नदी (Drishadvati River) के सूखे हुए क्षेत्र में स्थित है।(दृषद्वती को सरस्वती नदी की सहायक नदी माना जाता था, जो अब विलुप्त हो चुकी है। भौगोलिक रूप से यह घग्घर-हकरा बेसिन का हिस्सा है)
▪︎ मुख्य विशेषताएँ-
• क्षेत्रफल के अनुसार भारत का सबसे विशाल स्थल
• मानव कंकाल + आभूषण → सामाजिक जीवन के प्रमाण
• घरों की बेहतर योजना
• नालियाँ उन्नत
▪︎ महत्वपूर्ण खोजें-
• मोती, आभूषण
• तांबे, कांस्य सामग्री
• स्त्री कंकाल के साथ चूड़ियाँ (सामाजिक पद्धति का संकेत)
7. रोपड़ (Ropad)
📍 स्थान- पंजाब
🔍 खोज- 1953-56
👤 खोजकर्ता- यज्ञदत्त शर्मा
🌊 नदी- सतलज
▪︎ खोज-
• मानव कंकाल के साथ कुत्ते का कंकाल → दफ़न संस्कार
8. चन्हुदड़ो (Chanhu-Daro)
📍 स्थान- पाकिस्तान
🔍 खोज- 1931
👤 खोजकर्ता- गोपाल मजुमदार
🌊 नदी- सिन्धु
▪︎ पहचान-
• यह पूरी सभ्यता का सबसे बड़ा हस्तशिल्प केंद्र (Craft Production Center) था।
• मुख्य विशेषताएँ (Key Features)
1. नगर नियोजन (Town Planning) – सबसे महत्वपूर्ण
• सिंधु सभ्यता का नगर नियोजन विश्व का सबसे उत्कृष्ट माना जाता है।
• मुख्य बिंदु-
• योजनाबद्ध चौड़ी सड़कें – ग्रिड पैटर्न में
• सड़कें एक-दूसरे को समकोण (Right Angle) पर काटती थीं
• पक्की ईंटों के मकान
• ईंटों का आकार एक समान (1:2:4 अनुपात)
• घरों में नाली प्रणाली
• सबसे विकसित जल निकासी प्रणाली → सिंधु सभ्यता की पहचान
शहरों के भाग-
• ऊपरी नगर (Citadel) → किला, अनाजगृह
• निचला नगर (Lower Town) → आम नागरिकों के घर
अर्थव्यवस्था (Economy)
(A) कृषि
• मुख्य फसलें → गेहूँ, जौ
• कपास (Cotton) की खेती → दुनिया में सबसे पहले
• बैल और हल का उपयोग
• सिंचाई के प्रमाण (कालीबंगा)
(B) पशुपालन
• गाय, भैंस, भेड़, बकरी
• कुत्ता, बिल्ली, ऊँट
• घोड़े का सीमित प्रमाण
(C) व्यापार
• स्थानीय और विदेशी व्यापार दोनों
• मेसोपोटामिया से व्यापार के प्रमाण
• मुद्राएँ (सील/मुहरें) व्यापार का प्रतीक
कला और शिल्प (Art & Craft)
(A) मूर्तिकला
• कांस्य नर्तकी की मूर्ति (Dancing Girl) – मोहनजोदड़ो
• पुजारी-राजा की मूर्ति (Priest-King)
• टेराकोटा की मूर्तियाँ
• पशुओं की मूर्तियाँ
(B) मुहरें (Seals)
• जानवरों के चित्र- एक-सींग का बैल (Unicorn)
• लेख → अपठित लिपि
• चतुष्कोण आकार
(C) कुम्हार कला
• लाल मिट्टी के सुंदर बर्तन
• चित्रकारी
लिपि (Script)
• लिपि अभी तक अपठित (Undeciphered)
• चित्रलिपि (Pictographic)
• दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी
• इसी कारण सिंधु सभ्यता आदि-ऐतिहासिक (Proto-Historic) कहलाती है।
धर्म (Religion)
• माता देवी (Mother Goddess) की उपासना
• पुरुष देव (विशेषतः पशुपति नाथ जैसी आकृति)
• पेड़ों की पूजा → पीपल
• यज्ञ के प्रमाण कम
• पशु पूजा
• मूर्तिपूजा प्रचलित
• किसी भी मंदिर का स्पष्ट प्रमाण नहीं
समाज (Society)
• वर्ग विभाजन था
• व्यापारियों, कारीगरों का प्रभाव
• परिवार पितृसत्तात्मक
• स्त्रियों की सामाजिक और धार्मिक भूमिका महत्वपूर्ण
प्रशासन (Administration)
• प्रशासन के बारे में लिखित प्रमाण नहीं क्योंकि लिपि अपठित है।
लेकिन—
• नगर नियोजन से मजबूत प्रशासन का संकेत
• व्यापार नियंत्रित
• नगर-निर्माण व्यवस्थित
नाश/पतन के कारण (Causes of Decline)
लगभग 3900 वर्ष पूर्व हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे नगर का पतन होने लगा
इसे लेकर कई सिद्धांत हैं—
1. बाढ़
2. नदियों का मार्ग बदलना (विशेषकर घग्गर-हाकड़ा)
3. जलवायु परिवर्तन
4. जल प्रबंधन की समस्या
5. वाह्य आक्रमण- (आर्यों का आक्रमण )
6. संसाधनो का अत्याधिक उपयोग-
• जंगलो का विनाश
• मृदा अपरदन
☆वैदिक संस्कृति (Vedic Culture)☆
वैदिक संस्कृति भारतीय इतिहास का वह दौर है जब वेदों की रचना हुई। इस संस्कृति के निर्माता आर्य (Aryans) थे। 'आर्य' शब्द का अर्थ 'श्रेष्ठ' या 'कुलीन' होता है।
⏳ काल-खंड (Timeline)
पूरी वैदिक सभ्यता को दो भागों में बांटा गया है-
• ऋग्वैदिक काल (Rig Vedic Period): 1500 ईसा पूर्व – 1000 ईसा पूर्व
• उत्तर वैदिक काल (Later Vedic Period): 1000 ईसा पूर्व – 600 ईसा पूर्व
वैदिक साहित्य (Vedic Literature) दुनिया के सबसे पुराने साहित्यों में से एक है। इसे 'श्रुति' (Shruti) भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है "सुना हुआ", क्योंकि पहले इसे लिखा नहीं गया था, बल्कि गुरु अपने शिष्यों को सुनाकर याद करवाते थे।
वैदिक साहित्य को ठीक से समझने के लिए हम इसे 4 वेदों और उनके 4 भागों में बांटकर देख सकते हैं।
1. चार वेद (The Four Vedas)
वेद शब्द का अर्थ होता है 'ज्ञान' (Knowledge)।
(A) ऋग्वेद (Rigveda) - "स्रोतों का ज्ञान"
यह दुनिया का सबसे पुराना ग्रंथ है।
* विषय- इसमें देवी-देवताओं की स्तुति (प्रार्थना) के मंत्र हैं।
* संरचना- इसमें 10 मंडल (Chapters) और 1028 सूक्त (Hymns) हैं।
* महत्वपूर्ण बातें-
* तीसरा मंडल- इसमें प्रसिद्ध 'गायत्री मंत्र' (ओम भूर्भुवः स्वः...) है, जो विश्वामित्र ने लिखा था। यह सूर्य देवता (सावित्री) को समर्पित है।
* दसवां मंडल- इसमें 'पुरुष सूक्त' है, जिसमें पहली बार वर्ण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) का जिक्र मिलता है।
* इसमें सबसे ज्यादा मंत्र इंद्र (250) और अग्नि (200) के लिए हैं।
(B) सामवेद (Samaveda) - "संगीतमय ज्ञान"
'साम' का अर्थ होता है 'गान' (Song)।
* विषय- इसमें ऋग्वेद के मंत्रों को गाने के सुरों में पिरोया गया है।
* महत्वपूर्ण- इसे 'भारतीय संगीत का जनक' (Father of Indian Music) माना जाता है।
* सात सुरों (सा, रे, ग, म, प, ध, नि) की उत्पत्ति यहीं से मानी जाती है।
(C) यजुर्वेद (Yajurveda) - "यज्ञ संबंधी ज्ञान"
'यजु' का अर्थ है 'यज्ञ'।
* विषय- इसमें यज्ञ (Yagya) करने की विधियाँ और नियम बताए गए हैं।
* विशेषता- यह एकमात्र ऐसा वेद है जो गद्य और पद्य (Prose and Poetry) दोनों में लिखा गया है।
* इसके दो भाग हैं-
* कृष्ण यजुर्वेद (गद्य/कहानी जैसा)
* शुक्ल यजुर्वेद (पद्य/कविता जैसा)
(D) अथर्ववेद (Atharvaveda) - "व्यावहारिक ज्ञान"
यह सबसे अंत में लिखा गया वेद है। इसे 'ब्रह्मवेद' भी कहते हैं।
* विषय- इसका संबंध आम आदमी के जीवन से है। इसमें जादू-टोना, वशीकरण, भूत-प्रेत निवारण और औषधि (Medicine) का ज्ञान है।
* विशेषता- इसमें कुरु राजाओं का और मगध का जिक्र मिलता है। आयुर्वेद (चिकित्सा) की शुरुआत इसी वेद से मानी जाती है।
2. वेदों के 4 आंतरिक भाग (Structure of a Veda)
हर वेद के अंदर 4 हिस्से होते हैं। यह समझना बहुत ज़रूरी है
1. संहिता (Samhita)- यह मुख्य भाग है जिसमें मंत्र लिखे हुए हैं।
2. ब्राह्मण ग्रंथ (Brahmanas)- ये वेदों की व्याख्या (Commentary) हैं। चूंकि मंत्र कठिन संस्कृत में थे, इसलिए आम लोगों और पुजारियों को समझाने के लिए गद्य (Prose) में 'ब्राह्मण ग्रंथ' लिखे गए कि यज्ञ कैसे करना है।
जैसे- ऋग्वेद का ऐतरेय ब्राह्मण, यजुर्वेद का शतपथ ब्राह्मण।
3.आरण्यक (Aranyakas)- 'अरण्य' का मतलब है 'वन' (Forest)। ये वो किताबें हैं जो ऋषियों ने जंगलों में रहकर लिखीं। इनमें यज्ञों के पीछे का रहस्य और दर्शन (Philosophy) बताया गया है।
4. उपनिषद (Upanishads)- यह वैदिक साहित्य का अंतिम भाग है, इसलिए इसे 'वेदांत' (Vedanta) भी कहते हैं।
* अर्थ- 'उप' (समीप) + 'नि' (निष्ठा) + 'षद' (बैठना)। यानी गुरु के पास बैठकर ज्ञान लेना।
* विषय- इसमें आत्मा, परमात्मा और मोक्ष की दार्शनिक बातें हैं।
* कुल 108 उपनिषद माने जाते हैं।
* महत्वपूर्ण- भारत का आदर्श वाक्य "सत्यमेव जयते" (सत्य की ही जीत होती है) 'मुंडकोपनिषद' से लिया गया है।
उपवेद (Upavedas) - सहायक वेद
हर वेद का एक उपवेद भी है जो किसी विशेष कला या विज्ञान से जुड़ा है
ऋग्वैदिक काल (Early Vedic Period)
▪︎ समय (Period)- 1500 ईसा पूर्व – 1000 ईसा पूर्व
▪︎ भौगोलिक केन्द्र (Geographical Centre)
सप्त-सैंधव क्षेत्र (Sapta Sindhu) अर्थात सिंधु नदी और उसकी सात सहायक नदियों का प्रदेश।
• आज का पश्चिमी पाकिस्तान व पंजाब क्षेत्र।
• जीवन नदियों, वर्षा और पशुपालन पर आधारित।
▪︎ राजनीतिक जीवन (Political System)
• कबीलाई राजतंत्र (Tribal Monarchy)
• राजा को राजन कहा जाता था।
• राजा की शक्ति सीमित थी।
• राजा की मुख्य भूमिका-
° जन की सुरक्षा
° युद्ध में नेतृत्व
°धार्मिक कार्यों में भाग
• राजा वंशानुगत नहीं था, जन की सहमति महत्वपूर्ण थी।
• कर नहीं — केवल स्वेच्छा से दिया गया बलि (gift)।
▪︎ प्रशासनिक इकाइयाँ (Administrative Units)
• ऋग्वैदिक काल में समाज की चार इकाइयाँ थीं—
1. कुल – परिवार
2. ग्राम – गाँव
3. विश – कबीला
4. जन – सबसे बड़ी जनजातीय इकाई
▪︎ सभाएँ व परिषदें (Assemblies)
ऋग्वैदिक शासन की सबसे बड़ी विशेषता-
• सभा
• बुज़ुर्गों की परिषद
• राजा को परामर्श देती थी
• न्याय संबंधित निर्णय
• समिति
• जनता की सभा
• राजा के चयन में भूमिका
• युद्ध/शांति विषयों पर निर्णय
• विदथ
• सैन्य व सामाजिक आयोजनों का समूह
✔ स्त्रियाँ सभा और समिति में भाग ले सकती थीं
▪︎ अर्थव्यवस्था (Economy)
• मुख्य पेशा → पशुपालन
• धातु- तांबा/ कांसा
• गाय सबसे मूल्यवान संपत्ति: अघ्न्या (जिसे मारा न जाए)
• कृषि प्रारंभिक अवस्था में
• व्यापार मुख्यतः वस्तु-विनिमय
• सिक्कों का उपयोग नहीं
▪︎ राजस्व व्यवस्था (Revenue System)
• कोई नियमित कर नहीं
• राजा को केवल बलि (स्वेच्छा भेंट) दी जाती थी
• अर्थव्यवस्था प्राकृतिक विनिमय पर आधारित
▪︎ सामाजिक संरचना (Social Structure)
• वर्ण व्यवस्था लचीली (कर्म आधारित)
• पुरुष सूक्त में पहली बार चार वर्णों का उल्लेख
• परिवार → पितृसत्तात्मक
• जीवन सरल, समानता अधिक
▪︎ महिलाओं की स्थिति (Status of Women)
• उच्च सम्मान
• वेद-अध्ययन का अधिकार
• सभा-समिति में भाग
• घोषा, लोपामुद्रा जैसी विदुषी स्त्रियाँ
• विधवा विवाह, नियोग प्रथा स्वीकृत
• स्त्री को स्वतंत्र माना गया है
▪︎ धर्म (Religion)
• प्रकृति पूजा
• मुख्य देवता-
ऋग्वैदिक काल के देवता (Early Vedic Gods)
1️⃣ इंद्र – युद्ध व वर्षा के देवता (ऋग्वेद के प्रमुख देव)।
2️⃣ अग्नि – यज्ञ के देवता; देवताओं और मनुष्यों के बीच दूत।
3️⃣ वरुण – नैतिक नियम (ऋत) और जल के देवता।
4️⃣ सोम – सोम-रस और ऊर्जा के देवता।
5️⃣ वायु – वायु और जीवन शक्ति के देवता।
6️⃣ रुद्र – तूफान के देव; शिव का प्रारंभिक रूप।
7️⃣ मरुत – तूफान व पवन देवता, इंद्र के साथी।
8️⃣ ऊषा – प्रभात (सुबह) की देवी।
9️⃣ पृथ्वी माता – धरती की देवी।
🔟 मित्र – मित्रता और अनुबंध के देवता।
• यज्ञ सरल और प्रतीकात्मक
• मूर्ति पूजा या मंदिर नहीं
• धार्मिक जीवन तर्कसंगत और सरल
▪︎ ऋग्वैदिक काल – महत्वपूर्ण
• जन-आधारित शासन
• स्त्री का उच्च स्थान
• पशुपालन प्रधान अर्थव्यवस्था
• प्रकृति-पूजा
• वर्ण व्यवस्था लचीली
उत्तर वैदिक काल (Later Vedic Period)
• समय (Period)- 1000 ईसा पूर्व – 600 ईसा पूर्व
• भौगोलिक केन्द्र (Geographical Centre)
गंगा यमुना क्षेत्र
• पंजाब से आगे पूर्व की ओर विस्तार
• गंगा–यमुना दोआब (कुरु, पांचाल प्रदेश)
• उपजाऊ भूमि → कृषि-विस्तार
▪︎ राजनीतिक जीवन (Political System)
• अब क्षेत्रीय राज्य (जनपद) बनने लगे
• राजा की शक्ति बढ़ी
• राजा अब “कर-संग्रह” कराने लगा
• बड़े-बड़े यज्ञों द्वारा राजा अपनी श्रेष्ठता स्थापित करता था-
1. राजसूय
2. अश्वमेध
3. वाजपेय
राजा की शक्ति बढ़ने के कारण-
• भूमि का विस्तार
• सेना का संगठन
• कर-प्रणाली अस्तित्व में आना
▪︎ प्रशासनिक इकाइयाँ (Administrative Units)
1. कुल
2. ग्राम
3. विश
4. जनपद (नया और अत्यंत महत्वपूर्ण)
➡ यह वैदिक काल में राज्य-निर्माण की प्रक्रिया का प्रारंभ था।
▪︎ सभाएँ व परिषदें (Assemblies)
• सभा और समिति कमजोर हो गईं
• विदथ समाप्त
• स्त्रियों का प्रवेश निषिद्ध
➡ अब निर्णय राजा और ब्राह्मण प्रधान वर्ग द्वारा लिए जाने लगे।
▪︎ अर्थव्यवस्था (Economy)
• कृषि- मुख्य पेशा
• धातु- लोहा
कारण-
• लोहे के हल व औजार
• उपजाऊ दोआब क्षेत्र
मुख्य फसलें-
॰ जौ
॰ गेहूँ
॰ चावल (व्रीहि)
• कारीगरी, धातुकर्म में प्रगति
• व्यापार बढ़ा → नदी मार्गों का उपयोग
▪︎ राजस्व व्यवस्था (Revenue System)
• बलि अब नियमित कर बन गया
• राजा के लिए कर वसूलने हेतु अधिकारी बनाए गए—
• भागदुघ (राजस्व संग्रहकर्ता)
▪︎ सामाजिक संरचना (Social Structure)
• वर्ण व्यवस्था - जन्म पर आधारित
• ब्राह्मण और क्षत्रिय सर्वोच्च वर्ग
• शूद्रों की स्थिति न्यून
• संयुक्त परिवार का महत्व बढ़ा
• दास-दासी प्रथा का आरंभ
▪︎ महिलाओं की स्थिति (Status of Women)
• स्थिति में भारी गिरावट
• शिक्षा का अधिकार सीमित
• सभा-समिति से बहिष्कार
• कन्या जन्म को “चिंता का कारण” बताया गया (ऐतरेय ब्राह्मण)
• बाल विवाह की नींव रखी गई
▪︎ धर्म (Religion)
• कर्मकांडी ब्राह्मणवाद का विकास
• प्रकृति-देवताओं का महत्व कम
उत्तर वैदिक काल के देवता (Later Vedic Gods)
1️⃣ प्रजापति – सृष्टि के सर्वोच्च देवता (प्रमुख देवता)
2️⃣ विष्णु – संरक्षण और तीन कदमों से पृथ्वी नापने वाले देव।
3️⃣ रुद्र/शिव – विनाश और तांडव के देव।
4️⃣ ब्रह्मा – सृजन के देवता (प्रजापति का विस्तृत रूप)।
5️⃣ पूषन – यात्रियों व पशुओं के देव; शूद्रों के देवता।
• यज्ञ विशाल और जटिल
• ब्राह्मणों का प्रभाव बढ़ा
▪︎ दर्शन (Philosophy)
उपनिषदों का उदय → भारतीय दर्शन का निर्माण
• मुख्य सिद्धांत-
• ब्रह्म
• आत्मा
• मोक्ष
• कर्म
• पुनर्जन्म
➡ यह वैदिक काल का सबसे महान बौद्धिक योगदान माना जाता है।
▪︎ उत्तर वैदिक काल – महत्वपूर्ण
• कृषि का विस्तार
• राज्य व्यवस्था विकसित
• जाति-व्यवस्था कठोर
• स्त्री की स्थिति गिरी
• यज्ञ और कर्मकांड प्रबल
• उपनिषदों में दार्शनिक विचारों का विकास
⭐भारतीय सभ्यता व संस्कृति के महत्वपूर्ण MSQs प्रश्न ⭐
1. प्रागैतिहासिक काल में किस प्रकार के स्रोत मुख्य होते हैं?
a) शिलालेख
b) पुरातात्त्विक अवशेष
c) विदेशी यात्रियों के विवरण
d) ऐतिहासिक ग्रंथ
Answer- ⚡ b) पुरातात्त्विक अवशेष
2. पुरापाषाण काल का अनुमानित समय कौन-सा है?
a) 6000–1000 ई.पू.
b) 10,000–6000 ई.पू.
c) 25 लाख वर्ष-10,000 ई.पू.
d) 2500–1900 ई.पू.
Answer- ⚡ c) 25 लाख वर्ष-10,000 ई.पू.
3. मध्यपाषाण काल की प्रमुख तकनीकी विशेषता क्या थी?
a) शहरी नियोजन
b) माइक्रोलिथिक औजार (Microliths)
c) लोहे के औजार
d) लिखित शिलालेख
Answer- ⚡ b) माइक्रोलिथिक औजार (Microliths)
4. नवपाषाण काल में क्या प्रमुख बदलाव आया?
a) पाषाण औजारों का उपयोग बंद होना
b) कृषि और स्थायी बस्तियों की शुरुआत
c) लिपि का आविष्कार
d) महान शहरों का निर्माण
Answer- ⚡ b) कृषि और स्थायी बस्तियों की शुरुआत
5. सिंधु घाटी सभ्यता किस काल में फली-फूली?
a) 1500–1000 ई.पू.
b) 2500–1900 ई.पू.
c) 1000–600 ई.पू.
d) 322–185 ई.पू.
Answer- ⚡ b) 2500–1900 ई.पू.
6. हडप्पा सभ्यता का प्रथम खोजा गया स्थल कौन-सा था?
a) मोहनजोदड़ो
b) धोलावीरा
c) हड़प्पा
d) लोथल
Answer- ⚡ c) हड़प्पा
7. मोहनजोदड़ो में किस संरचना के लिए प्रसिद्ध है?
a) अनाजगृह
b) महान स्नानागार (Great Bath)
c) गोदी (Dockyard)
d) हल के निशान
Answer- ⚡ b) महान स्नानागार (Great Bath)
8. लोथल किसके लिए प्रसिद्ध है?
a) महान स्नानागार
b) गोदी / Dockyard (बंदरगाह)
c) हल की फसल-खंड
d) हस्तशिल्प केंद्र
Answer- ⚡ b) गोदी / Dockyard (बंदरगाह)
9. धोलावीरा की सबसे विशेष बात क्या है?
a) महान स्नानागार
b) जल संरक्षण प्रणाली और तीन-भाग नगर व्यवस्था
c) हल के निशान
d) काले-लाल बर्तन
Answer- ⚡ b) जल संरक्षण प्रणाली और तीन-भाग नगर व्यवस्था
10. कालीबंगा स्थल की प्रमुख खोज क्या है?
a) महान स्नानागार
b) चिंराट लेख
c) हल से जोते खेत (Ploughed field)
d) गोदी
Answer- ⚡ c) हल से जोते खेत (Ploughed field)
11. सिंधु सभ्यता की लिखित लिपि की स्थिति क्या है?
a) पूरी तरह पढ़ी व समझी जा चुकी है
b) ग्रीक में लिखी गई थी
c) अभी तक अपठित (Undeciphered) है
d) संस्कृत में लिखी थी
Answer- ⚡ c) अभी तक अपठित (Undeciphered) है
12. सिंधु घाटी सभ्यता में किस धातु का प्रमुख उपयोग था?
a) लोहे का (Iron)
b) कांस्य/काँस्य (Bronze)
c) सोना
d) एल्युमिनियम
Answer- ⚡ b) कांस्य/काँस्य (Bronze)
13. सिंधु सभ्यता के मुहरों (Seals) पर किस प्रकार की आकृति प्रचलित है?
a) देवताओं की लिखित मूर्तियाँ
b) एक-सींग वाला पशु (Unicorn) व पशु-चित्र
c) राजा की तस्वीरें
d) लोहे के हथियार
Answer- ⚡ b) एक-सींग वाला पशु (Unicorn) व पशु-चित्र
14. सिंधु सभ्यता के पत्थर-ईंटों के मानक अनुपात क्या थे?
a) 2:2:2
b) 1:2:4
c) 3:5:7
d) 1:1:1
Answer- ⚡ b) 1:2:4
15. राखीगढ़ी का आधुनिक प्रांत कौन-सा है?
a) पाकिस्तान
b) गुजरात
c) हरियाणा
d) राजस्थान
Answer- ⚡ c) हरियाणा
16. सिंधु सभ्यता के पतन के संभावित कारणों में से एक नहीं है:
a) नदियों का मार्ग बदलना
b) जलवायु परिवर्तन
c) लोहे का अति उपयोग
d) बाढ़
Answer- ⚡ c) लोहे का अति उपयोग
17. 'अग्निवेद' किस वेद का नाम है?
a) कोई वेद नहीं है
b) यजुर्वेद का ही एक नाम है
c) ऋग्वेद की उपशाखा है
d) सामवेद से संबंधित है
Answer- ⚡ a) कोई वेद नहीं है
18. चारों वेदों में सबसे प्राचीन कौन-सा है?
a) सामवेद
b) यजुर्वेद
c) ऋग्वेद
d) अथर्ववेद
Answer- ⚡ c) ऋग्वेद
19. सामवेद का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) यज्ञ की विधि बताना
b) चिकित्सीय मंत्र देना
c) मंत्रों का संगीतबद्ध रूप (गान) देना
d) इतिहास बताना
Answer- ⚡ c) मंत्रों का संगीतबद्ध रूप (गान) देना
20. यजुर्वेद विशेष रूप से किसके लिए प्रयुक्त होता है?
a) युद्ध रणनीति के लिए
b) यज्ञ-कर्म और विधियों के लिए
c) संगीत के लिए
d) दवाइयों के लिए
Answer- ⚡ b) यज्ञ-कर्म और विधियों के लिए
21. अथर्ववेद के विषय में कौन-सा कथन सही है?
a) यह मुख्यत: राजनीति का ग्रंथ है
b) इसमें ज्यादातर संगीत के नियम हैं
c) इसमें औषधि, जादू-टोना और दैनिक विकारों का उल्लेख है
d) इसमें अनाज भंडारण के नियम हैं
Answer- ⚡ c) इसमें औषधि, जादू-टोना और दैनिक विकारों का उल्लेख है
22. किस वेद में 'पुरुष सूक्त' का उल्लेख मिलता है जहाँ वर्णों का वर्णन पहली बार होता है?
a) सामवेद
b) ऋग्वेद (दसवां मंडल)
c) यजुर्वेद
d) अथर्ववेद
Answer- ⚡ b) ऋग्वेद (दसवां मंडल)
23. वैदिक साहित्य के चार भाग (संसगठित रूप) में उपनिषद किस श्रेणी में आते हैं?
a) संहिता का भाग
b) ब्राह्मण ग्रंथों का भाग
c) आरण्यक/तंत्र का भाग
d) शेष (अंतिम ज्ञान) — वेदान्त (Vedanta)
Answer- ⚡ d) शेष (अंतिम ज्ञान) — वेदान्त (Vedanta)
24. वैदिक काल के किस भाग में लोहे का उपयोग आरंभ माना जाता है?
a) प्रागैतिहासिक काल
b) ऋग्वैदिक काल
c) उत्तरवैदिक काल
d) सिंधु घाटी काल
Answer- ⚡ c) उत्तरवैदिक काल
25. ऋग्वैदिक काल का भौगोलिक केंद्र था:
a) गंगा-यमुना दोआब
b) सप्त-सिंधु (सिंधु एवं सहायक नदियाँ)
c) गुजरात तट
d) दक्कन पठार
Answer- ⚡ b) सप्त-सिंधु (सिंधु एवं सहायक नदियाँ)
26. उत्तरवैदिक काल का प्रमुख भौगोलिक केंद्र था:
a) सिंधु नदी बेसिन
b) गंगा-यमुना दोआब (कुरु-पंचाल)
c) दक्षिण महाराष्ट्र
d) अफगानिस्तान
Answer- ⚡ b) गंगा-यमुना दोआब (कुरु-पंचाल)
27. ऋग्वैदिक सभ्यता में प्रमुख आर्थिक गतिविधि क्या थी?
a) समुद्री व्यापार
b) कृषि प्रधान जीवन
c) पशुपालन (Livestock)
d) लोहे की खान
Answer- ⚡ c) पशुपालन (Livestock)
28. उत्तरवैदिक काल की प्रमुख आर्थिक क्रिया क्या बन गई?
a) मछली पकड़ना
b) कृषि (with iron plough)
c) घुमंतू शिकार
d) केवल व्यापार
Answer- ⚡ b) कृषि (with iron plough)
29. ऋग्वैदिक समाज में किसे सबसे अधिक महत्व दिया जाता था?
a) ब्राह्मणों को जन्म से श्रेष्ठ माना गया था
b) स्त्रियों को पूर्ण रूप से वंचित रखा गया था
c) सभा और समिति जैसी संस्थाओं का महत्व
d) केवल राजा का अधिकार सर्वोपरि था
Answer- ⚡ c) सभा और समिति जैसी संस्थाओं का महत्व
30. उत्तरवैदिक काल में कौन-सा संस्कार राजा की श्रेष्ठता सिद्ध करने के लिए किया जाने लगा?
a) अग्नि-पूजन
b) अश्वमेध और राजसूय यज्ञ
c) दीप प्रज्वलन
d) जन्मोत्सव
Answer- ⚡ b) अश्वमेध और राजसूय यज्ञ
31. वेदों में 'साम' शब्द का मूल अर्थ क्या है?
a) बलिदान
b) गायन/संगीत
c) युद्ध
d) आग
Answer- ⚡ b) गायन/संगीत
32. इतिहास के साहित्यिक स्रोतों में 'लौकिक साहित्य' से क्या अर्थ है?
a) धार्मिक ग्रंथ
b) इतिहास, नीति, साहित्यिक रचनाएँ जैसे अर्थशास्त्र, महाकाव्य
c) मुहारें और शिलालेख
d) मौखिक जनश्रुतियाँ
Answer- ⚡ b) इतिहास, नीति, साहित्यिक रचनाएँ जैसे अर्थशास्त्र, महाकाव्य
33. भारतीय इतिहास के पुरातात्त्विक स्रोतों में शिलालेख किस बारे में सूचना देते हैं?
a) केवल कृषि तकनीक
b) राजा, युद्ध, प्रशासन, कानून आदि की जानकारी
c) केवल साहित्यिक रचनाएँ
d) संगीत सिद्धांत
Answer- ⚡ b) राजा, युद्ध, प्रशासन, कानून आदि की जानकारी
34. सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से 'कांस्य नर्तकी' की मूर्ति मिली?
a) हड़प्पा
b) मोहनजोदड़ो
c) धोलावीरा
d) लोथल
Answer- ⚡ b) मोहनजोदड़ो
35. सिंधु सभ्यता के किस स्थल को 'हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल (area wise in India)' माना गया?
a) मोहनजोदड़ो
b) धोलावीरा
c) राखीगढ़ी
d) लोथल
Answer- ⚡ b) धोलावीरा
36. सिंधु घाटी सभ्यता के व्यापारिक सम्बन्ध किस प्राचीन क्षेत्र के साथ पाए गए हैं?
a) रोमन साम्राज्य
b) मेसोपोटामिया (सुमेर/अक्काद)
c) चीन
d) अफ्रीका के अंतःस्थल
Answer- ⚡ b) मेसोपोटामिया (सुमेर/अक्काद)
37. 'अनाजगृह (Granary)' किस तरह की संस्था का संकेत देता है?
a) निजी भंडारण मात्र
b) केंद्रीय प्रबंधन/प्रशासनिक नियंत्रण द्वारा भंडारण
c) केवल धार्मिक उत्सव के लिए भंडारण
d) समुद्री गोदाम
Answer- ⚡ b) केंद्रीय प्रबंधन/प्रशासनिक नियंत्रण द्वारा भंडारण
38. सिंधु सभ्यता के जीवन-स्तर के कौन-से संकेत हैं?
a) गंदगी और व्यवस्था का अभाव
b) उन्नत जलनिकासी, योजनाबद्ध नगर और पक्की ईंटें
c) केवल चारदीवारी और बहुत कम गृह
d) विशाल किले और राजसभाएँ (palaces)
Answer- ⚡ b) उन्नत जलनिकासी, योजनाबद्ध नगर और पक्की ईंटें
39. सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि किस दिशा में लिखी जाती थी (अनुमानित)?
a) बाएं से दाएँ
b) दाएँ से बाएँ
c) ऊपर से नीचे
d) गोलाकार में
Answer- ⚡ b) दाएँ से बाएँ
40. प्रागैतिहासिक से ऐतिहासिक काल में संक्रमण को क्या कहा जाता है?
a) नवंजीविक काल
b) आदि-ऐतिहासिक (Proto-historic) काल
c) मध्यकाल
d) आधुनिक काल
Answer- ⚡ b) आदि-ऐतिहासिक (Proto-historic) काल
41. इतिहास के मौखिक स्रोतों में कौन-सा नहीं आता?
a) लोकगीत
b) लोककथाएँ
c) शिलालेख
d) जनश्रुतियाँ
Answer- ⚡ c) शिलालेख
42. 'नालियाँ (Drainage system)' का विकास किस सभ्यता की प्रमुख पहचान है?
a) वैदिक सभ्यता
b) सिंधु घाटी सभ्यता
c) मौर्य साम्राज्य
d) मुगलकाल
Answer- ⚡ b) सिंधु घाटी सभ्यता
43. वैदिक काल में किसे 'अघ्न्या' कहा जाता था?
a) गाय (cow)
b) बकरा
c) भैंस
d) अश्व
Answer- ⚡ a) गाय (cow)
44. ऋग्वैदिक काल में राजा का पद कैसा था?
a) पूर्णीकृत एकाधिकार (Absolute monarchy)
b) जन-आधारित/कबीलाई राजा, शक्ति सीमित
c) चुनी हुई संसद द्वारा नियुक्त
d) विदेशी शासक द्वारा नियंत्रित
Answer- ⚡ b) जन-आधारित/कबीलाई राजा, शक्ति सीमित
45. सभा और समिति किस काल की विशेष संस्थाएँ हैं?
a) सिंधु घाटी काल
b) उत्तरवैदिक काल
c) ऋग्वैदिक काल
d) मौर्य काल
Answer- ⚡ c) ऋग्वैदिक काल
46. 'विदथ' शब्द किस संदर्भ में आता है?
a) कृषि यंत्र
b) युद्ध/सैन्य व सामाजिक आयोजन की एक सभा
c) जलप्रणाली
d) लेखन शैली
Answer- ⚡ b) युद्ध/सैन्य व सामाजिक आयोजन की एक सभा
47. उत्तरवैदिक काल में 'भागदुघ' किसके लिए था?
a) राजा का दूत
b) राजस्व/कर संग्रहकर्ता अधिकारी
c) पुजारी का उपाधि
d) सैनिक दल का नाम
Answer- ⚡ b) राजस्व/कर संग्रहकर्ता अधिकारी
48. वैदिक साहित्य में 'संहिता' से तात्पर्य क्या है?
a) व्याख्या ग्रंथ
b) मंत्रों का संकलन (Main compilation of mantras)
c) वन में लिखे गए ग्रंथ
d) उपनिषदों का ही नाम
Answer- ⚡ b) मंत्रों का संकलन (Main compilation of mantras)
49. 'ब्राह्मण ग्रंथ' का मुख्य उद्देश्य क्या था?
a) राजनीति का वर्णन
b) संहिताओं के मंत्रों की व्याख्या और यज्ञ-विधि का वर्णन
c) आयुर्वेदिक नुस्खे देना
d) काव्य रचना करना
Answer- ⚡ b) संहिताओं के मंत्रों की व्याख्या और यज्ञ-विधि का वर्णन
50. उपनिषदों (Upanishads) का प्रमुख विषय क्या है?
a) कृषि-प्रणाली
b) आध्यात्मिक दर्शन — ब्रह्म, आत्मा, मोक्ष
c) युद्ध नीति
d) व्यापारिक नियम
Answer- ⚡ b) आध्यात्मिक दर्शन — ब्रह्म, आत्मा, मोक्ष
51. वैदिक समाज में वर्ण व्यवस्था प्रारम्भ में किस आधार पर थी?
a) जन्म-आधारित कठोर व्यवस्था
b) कर्म/पेशा-आधारित (लचीला)
c) रंग-आधारित विभाजन
d) केवल वंशानुगत राजा ही श्रेष्ठ थे
Answer- ⚡ b) कर्म/पेशा-आधारित (लचीला)
52. 'पुरुष सूक्त' किस वेद का अंश है?
a) यजुर्वेद
b) सामवेद
c) ऋग्वेद (दसवां मंडल)
d) अथर्ववेद
Answer- ⚡ c) ऋग्वेद (दसवां मंडल)
53. वैदिक काल में 'सोम' का क्या अर्थ था?
a) आग
b) पवित्र पेय और उसका देवता
c) राजा का उपाधि
d) खेती का नाम
Answer- ⚡ b) पवित्र पेय और उसका देवता
54. 'गौधन' का क्या महत्व वैदिक समाज में था?
a) केवल औषधि के रूप में उपयोग
b) धन और सामाजिक स्थिति का प्रमुख संकेत (wealth symbol)
c) भूमि की नाप
d) केवल भोजन का स्रोत
Answer- ⚡ b) धन और सामाजिक स्थिति का प्रमुख संकेत (wealth symbol)
55. सिंधु सभ्यता में कपास की खेती के बारे में क्या कहा जाता है?
a) इसका कोई प्रमाण नहीं मिला
b) कपास की खेती वहां प्राचीनतम रूप से पायी गयी थी
c) केवल ऊन का उपयोग था
d) केवल वनस्पति का सेवन होता था
Answer- ⚡ b) कपास की खेती वहां प्राचीनतम रूप से पायी गयी थी
56. सिंधु घाटी सभ्यता के वाणिज्यिक (trade) लेन-देन का मुख्य चिन्ह क्या था?
a) सिक्के (coins) का उपयोग
b) मुहर/सील (Seals) और वजन-माप प्रणाली
c) बैंकों का अस्तित्व
d) सभी वस्तुओं पर कर लगाया जाता था
Answer- ⚡ b) मुहर/सील (Seals) और वजन-माप प्रणाली
57. सिंधु सभ्यता में 'गोदी' अर्थात Dockyard सबसे प्रमुख रूप से किस स्थल पर मिला?
a) मोहनजोदड़ो
b) लोथल
c) हड़प्पा
d) कालीबंगा
Answer- ⚡ b) लोथल
58. सिंधु सभ्यता के मुहरों पर जो लिपि पाई गई वह मुख्यतः किस प्रकार की मानी जाती है?
a) वर्णमाला आधारित लिपि
b) चित्रलिपि / पिक्टोग्राफिक (pictographic)
c) रोमन लिपि
d) चीनी लिपि
Answer- ⚡ b) चित्रलिपि / पिक्टोग्राफिक (pictographic)
59. सिंधु सभ्यता के शासन-संरचना के बारे में हम क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
a) स्पष्ट व विकसित राजकीय अभिलेख उपलब्ध हैं
b) लिपि अपठित होने के कारण प्रत्यक्ष जानकारी सीमित है, पर नगर नियोजन से मजबूत प्रशासन का संकेत मिलता है
c) शाही महलों की भरमार है
d) केवल धर्मानुदेशक थे, प्रशासन नहीं था
Answer- ⚡ b) लिपि अपठित होने के कारण प्रत्यक्ष जानकारी सीमित है, पर नगर नियोजन से मजबूत प्रशासन का संकेत मिलता है
60. 'धोलावीरा' का प्रमुख ऐतिहासिक योगदान किस क्षेत्र में माना जाता है?
a) सबसे बड़ा व्यावसायिक नगर
b) जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली
c) सबसे पुराना महल
d) शिलालेखों की प्रधानता
Answer- ⚡ b) जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली
61. ऋग्वैदिक काल में 'बलि' किस रूप में दी जाती थी?
a) अनिवार्य कर
b) स्वैच्छिक भेंट/दान (voluntary gift) राजा को
c) सैनिक भर्ती शुल्क
d) बीमा शुल्क
Answer- ⚡ b) स्वैच्छिक भेंट/दान (voluntary gift) राजा को
62. उत्तरवैदिक काल में 'बलि' का रूप क्या हो गया था?
a) समाप्त हो गया
b) धार्मिक अनुष्ठान मात्र रह गया
c) अनिवार्य कर के रूप में लागू हुआ
d) केवल परोपकारी दान बना रहा
Answer- ⚡ c) अनिवार्य कर के रूप में लागू हुआ
63. आर्यों के आगमन के बाद किस नदी का क्षेत्र विशेष रूप से वैदिक संस्कृति का केंद्र बना?
a) गंगा-यमुना दोआब
b) नर्मदा का क्षेत्र
c) गोदावरी बेसिन
d) तापी के तट
Answer- ⚡ a) गंगा-यमुना दोआब
64. वैदिक काल में 'नियोग' किस प्रकार का प्रथा थी?
a) कृषि उपकरण
b) विधवा का पुनर्विवाह या विशेष विवाह पद्धति में से एक (facility for procreation in specific circumstances)
c) खनन तकनीक
d) संगीत रीत
Answer- ⚡ b) विधवा का पुनर्विवाह या विशेष विवाह पद्धति में से एक (facility for procreation in specific circumstances)
65. ऋग्वैदिक काल में किसे 'वृद्धिमान' देवता के रूप में नहीं माना जाता?
a) इंद्र
b) अग्नि
c) वरुण
d) विष्णु (initially नहीं प्रमुख)
Answer- ⚡ d) विष्णु (initially नहीं प्रमुख)
66. उत्तरवैदिक काल में किस देवता का महत्व बढ़ा?
a) केवल इंद्र ही मुख्य रहा
b) प्रजापति, विष्णु, रुद्र (शिव) का महत्व बढ़ा
c) solely सूर्य देवता
d) केवल पशुपतियों का महत्व बढ़ा
Answer- ⚡ b) प्रजापति, विष्णु, रुद्र (शिव) का महत्व बढ़ा
67. वैदिक धर्म में 'यज्ञ' की भूमिका क्या थी?
a) केवल भोजन पकाने की विधि
b) सामाजिक, धार्मिक और राजकीय अनुष्ठान; देवताओं को प्रसन्न करने का माध्यम
c) खेल-कूद का आयोजन
d) कर संग्रह की प्रक्रिया
Answer- ⚡ b) सामाजिक, धार्मिक और राजकीय अनुष्ठान; देवताओं को प्रसन्न करने का माध्यम
68. कौन-सा ग्रंथ वैदिक यज्ञ-विधियों (यजुर्वेद) की ब्राह्मण व्याख्या के रूप में प्रसिद्ध है?
a) ऐतरेय ब्राह्मण
b) शतपथ ब्राह्मण
c) कुन्तपिल्ली ब्राह्मण
d) केन ब्राह्मण
Answer- ⚡ b) शतपथ ब्राह्मण
69. वैदिक साहित्य की मौखिक परंपरा का प्रमुख कारण क्या था?
a) लिखने का पूरा ज्ञान न होना और स्मृति-प्रशिक्षण पर जोर
b) सुरक्षा कारणों से लिखना मना था
c) मिट्टी पर लिखना आसान था
d) वेद केवल बच्चों के लिए थे
Answer- ⚡ a) लिखने का पूरा ज्ञान न होना और स्मृति-प्रशिक्षण पर जोर
70. प्रागैतिहासिक काल के आरम्भिक नमूनों में भीमबेटका किस प्रकार के लिए प्रसिद्ध है?
a) पक्की ईंट इमारतें
b) गुफा चित्र / रॉक पेंटिंग्स
c) लोहे के औजार
d) मुहरें
Answer- ⚡ b) गुफा चित्र / रॉक पेंटिंग्स
71. सिंधु सभ्यता ने सबसे पहले किस वस्तु की कृषिजन्य प्रकृति में उपयोग/उत्पादन साबित किया?
a) चावल केवल पश्चिमी क्षेत्र में नहीं
b) कपास की खेती (early cotton cultivation)
c) गन्ना चीनी उत्पादन
d) कॉफी की खेती
Answer- ⚡ b) कपास की खेती (early cotton cultivation)
72. वैदिक काल के किस चरण में उपनिषदों का उदय हुआ?
a) सिंधु घाटी काल में
b) ऋग्वैदिक काल के अंत/उत्तरवैदिक काल में
c) मौर्य काल में
d) आधुनिक काल में
Answer- ⚡ b) ऋग्वैदिक काल के अंत/उत्तरवैदिक काल में
73. 'अश्वमेध यज्ञ' किस प्रकार की घटना थी?
a) समुद्री व्यापार समारोह
b) राजा की सर्वोच्चता प्रमाणित करने वाला राजकीय यज्ञ (royal consecration)
c) नित्य दैनिक पूजा
d) केवल कृषक उत्सव
Answer- ⚡ b) राजा की सर्वोच्चता प्रमाणित करने वाला राजकीय यज्ञ (royal consecration)
74. वैदिक काल में 'गुरुकुल' प्रणाली का क्या अर्थ था?
a) राजा का महल
b) गुरु के आश्रम में शिक्षा की पारंपरिक प्रणाली जहाँ शिष्य रहते और अध्ययन करते थे
c) केवल संगीत सीखने की जगह
d) व्यापारिक मंडल
Answer- ⚡ b) गुरु के आश्रम में शिक्षा की पारंपरिक प्रणाली जहाँ शिष्य रहते और अध्ययन करते थे
75. सिन्धु सभ्यता के किस स्थल को 'हस्तशिल्प केन्द्र (Craft Production Center)' कहा जाता है?
a) मोहनजोदड़ो
b) चन्हुदड़ो (Chanhu-Daro)
c) कालीबंगा
d) धोलावीरा
Answer- ⚡ b) चन्हुदड़ो (Chanhu-Daro)
76. कौन-सा स्थल 'सबसे पहले खोजा गया' इसलिए सभ्यता का नाम पड़ा?
a) मोहनजोदड़ो
b) हड़प्पा
c) लोथल
d) राखीगढ़ी
Answer- ⚡ b) हड़प्पा
77. सिंधु सभ्यता की नाली प्रणाली किस वजह से महत्वपूर्ण मानी जाती है?
a) यह केवल धार्मिक उद्देश्य के लिए थी
b) यह सार्वजनिक स्वच्छता और नगर नियोजन में प्रगतिशीलता दर्शाती है
c) यह केवल युद्ध की रणनीति थी
d) यह केवल सोने की निहित प्रणाली थी
Answer- ⚡ b) यह सार्वजनिक स्वच्छता और नगर नियोजन में प्रगतिशीलता दर्शाती है
78. वैदिक वर्ण-व्यवस्था का प्रारम्भिक स्वरूप किस आधार पर था?
a) जन्म-आधारित कठोरता
b) कर्म/पेशा-आधारित लचीलापन
c) रंग-आधारित विभाजन
d) आयु-आधारित विभाजन
Answer- ⚡ b) कर्म/पेशा-आधारित लचीलापन
79. 'सप्त-सिंधु' शब्द का संबंध किससे है?
a) सात पर्वत
b) सिंधु और उसकी सात सहायक नदियाँ (the region of seven rivers)
c) सात राजवंश
d) सात सामाजिक वर्ग
Answer- ⚡ b) सिंधु और उसकी सात सहायक नदियाँ (the region of seven rivers)
80. सिंधु सभ्यता के पतन के समय-रूपी अनुमान के अनुसार लगभग कब पतन आरम्भ हुआ?
a) 1200 ई.पू.
b) 3900 वर्ष पूर्व (approx ~1900–1800 BCE) — पतन 1900 ई.पू. के बाद शुरू
c) 500 ई.पू.
d) 1000 ई.पू.
Answer- ⚡ b) 3900 वर्ष पूर्व (approx ~1900–1800 BCE) — पतन 1900 ई.पू. के बाद शुरू
81. सिंधु सभ्यता के समाज में स्त्रियों की स्थिति के बारे में क्या कहा जा सकता है?
a) पूरी तरह वंचित और बंधित
b) उनकी धार्मिक और सामाजिक भूमिका महत्वपूर्ण थी, आभूषण प्रमाण मिलते हैं
c) केवल पुजारियाँ थीं
d) केवल घरेलू नौकरियाँ ही थीं
Answer- ⚡ b) उनकी धार्मिक और सामाजिक भूमिका महत्वपूर्ण थी, आभूषण प्रमाण मिलते हैं
82. इतिहास के 'विदेशी यात्रियों के विवरण' में कौन-सा प्रसिद्ध विवरण भारत के बारे में है?
a) अरस्तू का भारत वर्णन
b) मेगस्थनीज़ की 'इंडिका' — भारत के वर्णन के लिए प्रसिद्ध विदेशी खाता
c) नूह का विवरण
d) सुकरात का वक्तव्य
Answer- ⚡ b) मेगस्थनीज़ की 'इंडिका' — भारत के वर्णन के लिए प्रसिद्ध विदेशी खाता
83. 'नमक और मसालों' के व्यापार के प्राचीन प्रमाण किस सभ्यता में अधिक मिलते हैं?
a) सिंधु घाटी सभ्यता के तटीय नगरों में समुद्री व्यापार के प्रमाण मिलते हैं
b) केवल रोमन काल में
c) केवल मध्यकाल में
d) केवल आधुनिक काल में
Answer- ⚡ a) सिंधु घाटी सभ्यता के तटीय नगरों में समुद्री व्यापार के प्रमाण मिलते हैं
84. हड़प्पा-मोहनजोदड़ो प्रधानमंत्रियों/राजाओं के नाम हमें क्यों ज्ञात नहीं हैं?
a) वो जनता से छिपाए गए थे
b) लिखित अभिलेख (लिपि) अपठित है, इसलिए नामों का पता नहीं चलता
c) कोई राजा नहीं था
d) सब नाम विनष्ट हो गए
Answer- ⚡ b) लिखित अभिलेख (लिपि) अपठित है, इसलिए नामों का पता नहीं चलता
85. ऋग्वैदिक काल में 'सभा' का प्रमुख कार्य क्या था?
a) केवल संगीत समारोह आयोजित करना
b) राजा के परामर्श और न्याय निर्णय (Consultative and judicial role)
c) फसल कटाई का आयोजन
d) सेना प्रशिक्षण
Answer- ⚡ b) राजा के परामर्श और न्याय निर्णय (Consultative and judicial role)
86. उपर्युक्त सामग्री के अनुसार, कौन-सा कथन सही नहीं है?
a) सिंधु सभ्यता में जल संरक्षण के प्रमाण पाए जाते हैं (धोलावीरा)
b) ऋग्वैदिक काल में स्त्रियाँ सभा-समिति में भाग ले सकती थीं
c) उत्तरवैदिक काल में सभा-समिति की भूमिका प्रबल हुई
d) अथर्ववेद में औषधीय एवं जादू-टोना संबंधी सन्दर्भ मिलते हैं
Answer- ⚡ c) उत्तरवैदिक काल में सभा-समिति की भूमिका प्रबल हुई
87. सिंधु सभ्यता का सामाजिक संगठन किस प्रकार का था?
a) पूर्णतः जाति-आधारित समाज जैसा उत्तरवैदिक काल में हुआ
b) व्यापारियों व कारीगरों का प्रभावी नगर-समाज, पितृसत्तात्मक परिवार व्यवस्था भी थी
c) केवल शोषक वर्गों पर आधारित था
d) केवल धार्मिक गुरु ही शासन करते थे
Answer- ⚡ b) व्यापारियों व कारीगरों का प्रभावी नगर-समाज, पितृसत्तात्मक परिवार व्यवस्था भी थी
88. किस काल में उपनिषदों का लिखा जाना आरम्भ माना जाता है?
a) प्रागैतिहासिक काल
b) उत्तरवैदिक काल (Late Vedic)
c) मौर्य काल
d) मुगल काल
Answer- ⚡ b) उत्तरवैदिक काल (Late Vedic)
89. वैदिक साहित्य में 'शतपथ ब्राह्मण' किस वेद से संबंधित है?
a) ऋग्वेद
b) सामवेद
c) यजुर्वेद
d) अथर्ववेद
Answer- ⚡ c) यजुर्वेद
90. वैदिक संस्कृति में 'गृहस्थ' किसका अर्थ है?
a) युवा शिष्य का चरण
b) आश्रम-व्यवस्था का वह चरण जहाँ व्यक्ति पारिवारिक और आर्थिक दायित्व निभाता है
c) केवल संन्यासी का रूप
d) केवल राजा का पद
Answer- ⚡ b) आश्रम-व्यवस्था का वह चरण जहाँ व्यक्ति पारिवारिक और आर्थिक दायित्व निभाता है
91. 'मेहरगढ़' किस काल का महत्वपूर्ण स्थल है?
a) नवपाषाण (Neolithic) — प्रारम्भिक कृषि-स्थल (Mehgarh is Neolithic)
b) सिंधु घाटी काल
c) वैदिक काल
d) मौर्य काल
Answer- ⚡ a) नवपाषाण (Neolithic) — प्रारम्भिक कृषि-स्थल (Mehgarh is Neolithic)
92. सिंधु सभ्यता का आकार सामान्यतः किस आकृति से तुलना किया जाता है?
a) वृत्ताकार
b) त्रिभुजाकार (Triangular)
c) रेखीय
d) अंडाकार
Answer- ⚡ b) त्रिभुजाकार (Triangular)
93. सिंधु सभ्यता के उत्तरी-सीमाई स्थल कौन-सा माना जाता है?
a) दाइमाबाद
b) शाहर्टुगई / शॉर्टुगाई (Shahr-i-Sokhta or Shortugai in Afghanistan region)
c) अलमगीरपुर
d) सुत्कागेंडोर
Answer- ⚡ b) शाहर्टुगई / शॉर्टुगाई (Shahr-i-Sokhta/Shortugai)
94. सिंधु सभ्यता का सबसे दक्षिणी पुरास्थल किस राज्य में है?
a) महाराष्ट्र (Daimabad)
b) गुजरात
c) हरियाणा
d) राजस्थान
Answer- ⚡ a) महाराष्ट्र (Daimabad)
95. वैदिक देवता-समूह में कौन-सा कथन सही है?
a) ऋग्वैदिक समय में विष्णु सबसे प्रधान थे
b) ऋग्वैदिक काल में इंद्र, अग्नि, वरुण प्रमुख थे; उत्तरवैदिक में प्रजापति-विष्णु-रुद्र महत्त्व बढ़े
c) उत्तरवैदिक काल में इंद्र का महत्त्व और बढ़ गया
d) आग के देवता की कोई पूजा नहीं थी
Answer- ⚡ b) ऋग्वैदिक काल में इंद्र, अग्नि, वरुण प्रमुख थे; उत्तरवैदिक में प्रजापति-विष्णु-रुद्र महत्त्व बढ़े
96. 'आरण्यक' ग्रंथ किस प्रकार के ग्रंथ माने जाते हैं?
a) ग्राम-स्तर के दस्तावेज
b) वेदों के जंगलों में रहकर लिखे गये भाग जो यज्ञ के रहस्य और दार्शनिक विचार देते हैं
c) व्यापारिक रजिस्टर
d) केवल संगीत के नियम
Answer- ⚡ b) वेदों के जंगलों में रहकर लिखे गये भाग जो यज्ञ के रहस्य और दार्शनिक विचार देते हैं
97. सिंधु सभ्यता में मानव-अवशेषों और कब्रों से किस प्रकार की अंतर्दृष्टि मिलती है?
a) केवल राजाओं के नाम
b) दाह-प्रथा और दफन दोनों पद्धतियों के प्रमाण, सामाजिक प्रथाएँ मिलती हैं
c) केवल युद्ध के प्रमाण मिलते हैं
d) केवल संगीत आदतों के प्रमाण मिलते हैं
Answer- ⚡ b) दाह-प्रथा और दफन दोनों पद्धतियों के प्रमाण, सामाजिक प्रथाएँ मिलती हैं
98. वैदिक काल में कौन-सा सामाजिक परिवर्तन उत्तरवैदिक काल में स्पष्ट रूप से हुआ?
a) स्त्रियों का सामाजिक एवं धार्मिक अधिकार बढ़ा
b) वर्ण व्यवस्था जन्म-आधारित और कड़ाई से लागू हुई
c) सभा-समिति और विदथ का महत्व बढ़ा
d) पशुपालन ही प्रधान बना रहा
Answer- ⚡ b) वर्ण व्यवस्था जन्म-आधारित और कड़ाई से लागू हुई
99. इतिहास के स्रोतों में 'सिक्के (Coins)' विशेषकर किस प्रकार की जानकारी देते हैं?
a) केवल राजा के नाम
b) आर्थिक गतिविधियाँ, व्यापार, शासकीय प्रतीक और धर्म के चिन्ह आदि की जानकारी
c) केवल नगर का मानचित्र
d) केवल कृषिकरण की तकनीक
Answer- ⚡ b) आर्थिक गतिविधियाँ, व्यापार, शासकीय प्रतीक और धर्म के चिन्ह आदि की जानकारी
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